B.Ed 1 Year Course: भारत में शिक्षक की नौकरी को हमेशा से सम्मानजनक और स्थिर करियर माना जाता है। हर साल लाखों युवा टीचर बनने का सपना देखते हैं लेकिन दो साल के बी.एड कोर्स की लंबी अवधि और ज्यादा खर्च कई बार बाधा बन जाता है। अब नई शिक्षा नीति 2020 के तहत यह समस्या दूर होने वाली है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई ने करीब दस साल बाद एक वर्षीय बी.एड कोर्स को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। यह कोर्स 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। इससे ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को कम समय में योग्य शिक्षक बनने का मौका मिलेगा।
एक वर्षीय बी.एड की वापसी क्यों जरूरी
एक साल के बी.एड कोर्स की वापसी शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है। पहले दो साल के कोर्स से शिक्षक बनने में ज्यादा समय लगता था जिससे कई योग्य उम्मीदवार पीछे रह जाते थे। अब एनसीटीई ने इसे दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि तेजी से प्रशिक्षित शिक्षक तैयार हो सकें। इसका मुख्य लक्ष्य स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करना है। साथ ही युवाओं को जल्दी नौकरी मिल सके और शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरे। यह फैसला नई शिक्षा नीति के अनुरूप है जो लचीले और प्रभावी शिक्षक प्रशिक्षण पर जोर देती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी फायदा होगा।
पात्रता के मुख्य नियम क्या हैं
एक वर्षीय बी.एड कोर्स में दाखिला लेने के लिए कुछ स्पष्ट योग्यताएं हैं। उम्मीदवार के पास चार वर्षीय स्नातक डिग्री जैसे बीए, बीएससी या बीकॉम होनी चाहिए या फिर पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी हो। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं जबकि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक पर्याप्त हैं। कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं रखी गई है। इसका मतलब है कि नौकरी कर रहे लोग या ज्यादा उम्र वाले भी इस कोर्स में शामिल हो सकते हैं। तीन वर्षीय ग्रेजुएशन वाले उम्मीदवारों को दो साल का बी.एड ही करना होगा। ये नियम सुनिश्चित करते हैं कि केवल मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले ही एक साल में कोर्स पूरा करें।
कोर्स की फीस कितनी होगी
एक वर्षीय बी.एड की सबसे अच्छी बात इसकी कम फीस है। सरकारी कॉलेजों में अनुमानित खर्च 20 हजार से 25 हजार रुपये तक हो सकता है। निजी कॉलेजों में यह राशि 25 हजार से 30 हजार रुपये के बीच रह सकती है। कई राज्यों में छात्रवृत्ति या फीस छूट की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे कम आय वाले परिवारों के छात्र आसानी से दाखिला ले सकेंगे। आवेदन से पहले संबंधित कॉलेज की वेबसाइट पर ताजा जानकारी जरूर जांच लें क्योंकि फीस राज्य और संस्थान के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। कम खर्च में अच्छी शिक्षा मिलना युवाओं के लिए बड़ा राहत भरा कदम है।
दाखिला प्रक्रिया कैसे होगी
एक वर्षीय बी.एड में प्रवेश की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है। ज्यादातर मान्यता प्राप्त कॉलेज ऑनलाइन आवेदन लेते हैं। उम्मीदवार पहले कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाते हैं। वहां फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जैसे मार्कशीट, आधार कार्ड आदि अपलोड करते हैं। आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करना होता है। चयन मेरिट लिस्ट या प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। कुछ संस्थान मेरिट पर ही एडमिशन देते हैं जबकि अन्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और जल्दी पूरी हो जाती है।
कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा
यह कोर्स केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा। मुख्य विषयों में शिक्षा का दर्शन, बाल मनोविज्ञान, आधुनिक शिक्षण विधियां और डिजिटल टूल्स शामिल होंगे। कक्षा प्रबंधन और छात्रों की समझ बढ़ाने की तकनीकें भी सिखाई जाएंगी। कोर्स के दौरान तीन से छह महीने की स्कूल इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। इंटर्नशिप में छात्र असली कक्षा में पढ़ाने का अनुभव लेंगे। इससे उनकी शिक्षण क्षमता मजबूत होगी और वे आत्मविश्वास से काम कर सकेंगे।
बी.एड पूरा करने के बाद करियर विकल्प
एक वर्षीय बी.एड पूरा करने के बाद कई अच्छे अवसर खुल जाते हैं। उम्मीदवार सीटीईटी या राज्य टीईटी पास करके सरकारी स्कूलों में शिक्षक बन सकते हैं। निजी स्कूलों में भी नौकरी आसानी से मिल जाती है। ऑनलाइन टीचिंग, कोचिंग सेंटर और ट्यूशन जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं। आगे पढ़ाई करके एम.एड या पीएचडी भी की जा सकती है। शिक्षा प्रशासन और मैनेजमेंट में भी करियर बन सकता है। शुरुआती वेतन आमतौर पर 25 हजार से 30 हजार रुपये महीना होता है जो अनुभव के साथ बढ़ता जाता है। यह कोर्स तेजी से स्थिर करियर की शुरुआत देता है।
अगर आप पहले से ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट हैं और शिक्षक बनना चाहते हैं तो एक वर्षीय बी.एड सुनहरा मौका है। कम समय, कम खर्च और जल्दी नौकरी की संभावना इसे आकर्षक बनाती है। हालांकि दाखिला लेने से पहले यह जरूर जांच लें कि कॉलेज एनसीटीई से मान्यता प्राप्त है। सही जानकारी और तैयारी से यह कोर्स आपके सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने का यह बेहतरीन तरीका है।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। एक वर्षीय बी.एड कोर्स से जुड़े नियम, पात्रता, फीस और प्रवेश प्रक्रिया राज्य, संस्थान और समय के अनुसार बदल सकती है। सही और नवीनतम जानकारी के लिए एनसीटीई की आधिकारिक वेबसाइट ncte.gov.in, संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज की वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन अवश्य देखें।





